haneef biography
आखिरकार कौन है एम्बुलेंस ड्राइवर ( haneef Ambulance )

आखिरकार कौन है एम्बुलेंस ड्राइवर ( haneef Ambulance )

मंगलुरु के हॉस्पिटल में रहने वाला एम्बुलैंस ड्राइवर हनीफ जो एक मिड्ल क्लास फेमिली से है हनीफ का जन्म मंगलुरु में हुआ हनीफ 12 class तक पढ़ें हुए है हनीफ मुस्लिम परिवार से, हनीफ ने एक छोटी सी जान को बड़ी ही वीरतापूर्वक बचाया यह एक बहादुर युवक हॉस्पिटलों में ऐसे ही एम्बुलेंस ड्राइवरो की जरूरत है एम्बुलेंस ड्राइवर मोहम्मद हनीफ जो डीके के बेलथांगडी में बालंजा से रहता है

हनीफ ने शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे वेंटिलेटर पर लगे एक निजी एम्बुलेंस में सवार हुआ। शाम 4:20 बजे तक लड़के श्री जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवस्कुलर साइंस एंड रिसर्च बेंगलुरु में आ चुके थे।

haneef ambulance
आखिरकार कौन है एम्बुलेंस ड्राइवर ( haneef Ambulance )

मंगलुरु का एम्बुलेंस ड्राइवर “शून्य ट्रैफ़िक” के ज़रिए 4 घंटे में बीमार लड़के को मंगलुरु से बेंगलुरु तक पहुंचाया 

40 दिन का बच्चा,( सैफुल अज़मन ) टोटल एनोमलस पल्मोनरी वेनस कनेक्शन (टीओवीसीसी) से पीड़ित है। जिसको बचाने लिए एक बहादुर एम्बुलेंस बस ड्राइवर जो अनेक यातायात बाधाओं के खिलाफ लड़ते हुए 400 किलोमीटर का रास्ता मंगलुरु से बंगलुरु तक 4 घंटे में किया पार

आखिरकार कौन है ये बचा जिसको बचाना इतना जरुरी है 

सैफुल एज़मैन नाम का बच्चा जो एक मुस्लिम है इस बच्चे में टोटल एनोमलस पल्मोनरी वेनस कनेक्शन, जन्म जात हृदय दोष का पता चला है। कोई इलाज न होने पर, मंगलुरु के डॉक्टरों ने बचे के माता-पिता से विशेष उपचार के लिए बेंगलुरु के जय देव अस्पताल में बच्चे को स्थानांतरित करने की सलाह दी।

एम्बुलेंस ड्राइवर हनीफ ने पुलिस के सहयोग के लिए अपनी सुरक्षित यात्रा को जिम्मेदार ठहराया, जिसने न केवल रास्ते भर शून्य-यातायात सुनिश्चित किया, बल्कि भीड़ को नियंत्रित करने में भी सहायता की।  हनीफ का जय देव अस्पताल पहुंचने पर जनता अर्थात दर्शकों के द्वारा जोरदार स्वागत किया गया..

एम्बुलेंस को दिया रास्ता।

कर्नाटक राज्य की राजधानी ( बेंगलुरु ) के अस्पताल में पहुंचने पर, हनीफ को उसके वीरतापूर्ण प्रयास के लिए सम्मानित किया गया। यह भी बताया गया है कि एक बार सोशल मीडिया पर एक शून्य यातायात मार्ग की आवश्यकता की खबरें सामने आने के बाद,

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मंगलुरु का एम्बुलेंस ड्राइवर “शून्य ट्रैफ़िक” के ज़रिए 4 घंटे में बीमार लड़के को मंगलुरु से बेंगलुरु तक पहुंचाया

जनता ने सैफुल को ले जाने वाली एम्बुलेंस के लिए मार्ग को किया  साफ़। इसलिए, यह कहना उचित होगा कि मंगलुरु, बेंगलुरु के नागरिक और इन दो शहरों के बीच आने वाली सभी बस्तियों ने यह सुनिश्चित करने के लिए हाथ मिलाया कि बच्चा समय पर अपने लम्बे जीवन के लिए पहुंचा

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